मंगलवार, 21 जुलाई 2020

बह जाने दो

न रोको मुझे, जाने दो
पानी सा बह जाने दो
तुम्हारी यादों में कहीं
तुम मुझे रह जाने दो

हूँ वक़्त का कोई पल
पल में गुज़र जाऊँगा
ढूँढोगे तुम जो मुझको
मैं न कहीं नजर आऊँगा
ज़रा बात सुन लो मेरी
मुझको कह जाने दो
न रोको मुझे, जाने दो
पानी सा, बह जाने दो

वक़्त था तो वक़्त का 
क्यों करें हम गिला
जो भी मिला था हमें
अच्छा रहा सो मिला
ख़्वाहिशों की चादरें
अब तो उड़ जाने दो
न रोको मुझे, जाने दो
पानी सा, बह जाने दो