अंधे लड़ने को तैयार
गूंगे चला रहे सरकार
चलो भई राम भरोसे
वो सत्ता के ठेकेदार
क़त्ल करने को तैयार
चलो भई राम भरोसे
उनके हाथ में ताक़त है
अपनी भी खिलाफत है
हम सच के साथ खड़े
उनके लिए बग़ावत है
सत्ता ही है मंज़िल उनकी
जनता है बस सीढ़ी भाई
राम नाम की लूट मचा के
बन गए धर्म के पहरेदार
चलो भई राम भरोसे
उन्नति की बातें हैं उनकी
अवनति वो देश की करते
ईमानदारी भी मरी पड़ी है
सच्चाई भी कहीं गढ़ी है
रेडियो उनका टीवी उनकी
सभी जगह मिट्टी पड़ी है
तिरंगे को भी बनाया है
हत्यारों ने अब हथियार
चलो भई राम भरोसे
गाँधी के इस मुल्क की देखो
कैसी हालत आज बनाई
जिनको रक्षा सौंपी हमने
उन लोगों ने आग लगाई
मरते हिन्दू और मुसलमान
चलती नेता जी की दुकान
खुद तो बन जाते हैं महान
देश का कर दिया बंटाधार
चलो भई राम भरोसे
चलो भई राम भरोसे