होली मनाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
खुशियाँ लुटाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
थोड़ा रंग ख़ुशी का लाया
थोड़ा इश्क़ भांग चढ़ाया
बड़ी बड़ी पिचकारी से
सब पर दुआ बरसाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
खुशियाँ लुटाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
नफरत की होली जलाओ
आज हँसो और मुस्काओ
गुलाबी है रंग ए मुहब्बत
संग सबके रंग जाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
खुशियाँ लुटाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
आज कोई ना मजहब देखो
आज कोई ना जात रहे
गले मिल सबको रंग लगाएं
प्रेम भाव बस साथ रहे
राधा जो तू बन जाये
तो कान्हा बन जाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
खुशियाँ लुटाऊँ मैं
ऐसे होली मनाऊँ मैं
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