शुक्रवार, 20 जनवरी 2017

रूठना मनाना


"रूठना मनाना"

वो तेरा रूठ जाना
वो मेरा फिर मनाना
कब आएगा वापस
फिर वो ही जमाना

तेरी आँखों में रहना
दिल की बातें कहना
एक पल की जुदाई
और आँखों का बहना
तेरे साथ ही मुझको
वक़्त लगता सुहाना
वो तेरा रूठ जाना
वो मेरा फिर मनाना
कब आएगा वापस
फिर वो ही जमाना

तेरी मुहब्बत में मेरा
था जीना और मरना
तेरा नाम लेकर ही
मेरी साँसों का चलना
तेरे इश्क़ से था ज़िंदा
अब मुझे है मर जाना
वो तेरा रूठ जाना
वो मेरा फिर मनाना
कब आएगा वापस
फिर वो ही जमाना
               



कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें