बुधवार, 21 जून 2017

जीना मुश्किल है तेरे बिना

जीना मुश्किल है तेरे बिना
तू क्यों मुझ से दूर पिया
जीना मुश्किल है तेरे बिना

अधरों से तेरा नाम पुकारूँ
दिन रात तेरी राह निहारूँ
लोक लाज मैं भूल गयी हूँ
तुझ से जीतूँ तुझ से हारूँ
तुझ बिन अब न लागे जिया
तू क्यों मुझ से दूर पिया
जीना मुश्किल है तेरे बिना

सूरज चाँद सितारे तुझ से
दुनिया के ये नजारे तुझ से
तुझ संग जब प्रीत लगाई
ज़िन्दगी के सहारे तुझ से
मैंने प्रेम तुझ से ही किया
तू क्यों मुझ से दूर पिया
जीना मुश्किल है तेरे बिना

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