यूँ ही फक़त तारों को गिनना रात का चढ़ना चाँद का ढलना यादों में हँसना और रोना आँखों में उजालों का चमकना नई उम्मीद का दिल में जगना और तुझे खोने से डरना यही मुहब्बत है मेरी मुहब्बत आँखों में चाहत होठों पे इबादत यही मुहब्बत है मेरी मुहब्बत
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