ज़िन्दगी ने ऐसे भी हमको पाला है
चेहरे पर मुस्कान पैरों में छाला है
ग़ुरबत ने वो दिन भी दिखाए हमें
काँटों को भी ज़ख्मों में संभाला है
दुआ और बद्दुआ भी क़बूल हमको
जानते हैं ऊपर सबका रखवाला है
यकीं है सूरज इक दिन तो आएगा
अंधेरे के बाद ही आता उजाला है
मज़हबी किस्से आप को मुबारक़
हमारी जरूरत तो बस निवाला है
उम्मीदों के साये में गुज़ारते हैं रात
सोचते हैं वक़्त नया आने वाला है
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