रविवार, 7 अक्टूबर 2018

तमाशा जारी है

जनता नाच रही बंदर सी
हुक़ूमत जिसकी मदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

किसी के हाथ पत्थर है
किसी के हाथ कटारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

ज़हरीली है रंग बदलती है
सरकार नाग इच्छाधारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

झूठ यहाँ पर मौज उड़ाये
और सच पर पहरेदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

जनता राजा चुनकर भेजे
फिर जनता ही आभारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

हाँ में हाँ ही मिलाते चलना
सवाल किया तो गद्दारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

जाति मज़हब खूब लड़ाओ
खून बहाना संस्कारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

भेड़ों के इस झुंड की भैया
पाँच साल की सरदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

किसान लटका फाँसी पर
कर्ज़ा पचास हजारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

सफ़ेद कपड़े में नेताओं की
काले धंधों से यारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

पुरानी तो पूरी हो न सकी
नई योजना की तैयारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

अस्पताल में मर रहे बच्चे
आखिर किसकी ज़िम्मेदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

किसी के पास ताक़त है
किसी के पास लाचारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

गरीबों से ख़िलाफ़त और
अमीरों की तरफदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

चाय पकौड़ों पर चर्चा है
गायब मुद्दा बेरोजगारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

देश लूट लोग उड़े जा रहे
क्या खूब चौकीदारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

छात्र बैठे हैं सड़कों पर
क्योंकि व्यवस्था भ्रष्टाचारी है
जम्हूरियत एक तमाशा है
तमाशा अब तक जारी है

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