शनिवार, 21 दिसंबर 2019

बदल दो दुनिया

बदल दो ये दुनिया
ये बेमतलब की दुनिया
वहशी फरेबी और
आरामतलब की दुनिया

इस दुनिया पर कोई
यकीं भी न करना
इस दुनिया पर भरोसा
कहीं भी न करना
जब मौका मिलेगा
तो लूटेगी दुनिया
अपनी ही गलती से
ये टूटेगी दुनिया
इस दुनिया में कुछ भी
मुनासिब नहीं है
कुछ भी किसी के
जानिब नहीं है

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