रविवार, 20 नवंबर 2016

चाँद दीवाना

देखो पिया तुम भूल ना जाना
खिड़की पे बैठा चाँद दीवाना
अच्छा नहीं है मुझे तड़पाना
आजाना तुम घर जल्दी आना

मेरे पिया मैं तेरी राह निहारूँ
साँझ सकेरे तेरा नाम पुकारूँ
जिस रस्ते से तुमको है आना
उस रस्ते को मैं झाड़ू बुहारूँ
मेरी अरज भी तो सुनते जाना
आजाना तुम घर जल्दी आना
देखो पिया तुम भूल ना जाना
खिड़की पे बैठा चाँद दीवाना
अच्छा नहीं है मुझे तड़पाना
आजाना तुम घर जल्दी आना

बावरी कह मुझे लोग चिड़ायें
मेरा दरद वो समझ नहीं पाएँ
कैसे बिरह की पीड़ा बताऊँ
अखियन में बस राम समाये
प्रेम अगन में मोहे जलते जाना
आजाना तुम घर जल्दी आना
देखो पिया तुम भूल ना जाना
खिड़की पे बैठा चाँद दीवाना
अच्छा नहीं है मुझे तड़पाना
आजाना तुम घर जल्दी आना
             

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