रविवार, 20 नवंबर 2016

इंडिया मस्त है

इंडिया तो आज मस्त है
भारत ही अस्त व्यस्त है
अमीर कर रहे मौज यहाँ
गरीब सब जगह त्रस्त है

चारों ओर जिधर भी देखो
बस नोटों की मारामारी है
आज यहाँ सवाल पूछना
आजकल देश से गद्दारी है
लोग मर रहे लाइन में अब
लेकिन लाईन तो लाचारी है
बाकी सारे देशद्रोही लगते
सरकार बस वतन परस्त है
अमीर कर रहे मौज यहाँ
गरीब सब जगह त्रस्त है

पाँच सौ हज़ार अब बंद हुए
नया नोट आया दो हज़ारी है
दूध राशन सब्जी कैसे लायें
गायब हुई अब रेजगारी है
ललित विजय तो जीत मनाएं
नेताओं की भी तो अब मौज है
गरीब किसान के पीछे पड़ती
साहब जी की ही ये फौज है
जिसने हिंदुस्तान को थामा था
हिल रहे अब सारे दरख़्त है
अमीर कर रहे मौज यहाँ
गरीब सब जगह त्रस्त हैं

सैनिक मर रहे हैं सीमा पर
लोग मर रहे नोटों के खेल में
बाकी जो लोग बच जाते हैं
वो भी मर जाते हैं अब रेल में
पेट्रोल दुनिया में सस्ता हुआ
यहाँ तो आग लगी है तेल में
राष्ट्रवादी तो हँस रहे हैं देखो
हालत जनता की पस्त है
अमीर कर रहे हैं मौज यहाँ
गरीब सब जगह त्रस्त है
                                     

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