तुम मुझको याद करो ना करो
लेकिन मुझे याद आया करो
मुझसे दूर चाहे जितना रहो
लेकिन साथ यूँ निभाया करो
वादों के अंदाज़ अलग और
ख्वाबों की बातें भी अलग हैं
साथ बिताए लम्हों से यूँ तो
तन्हाई की रातें भी अलग हैं
मुझसे तुम रूठो हक़ है तुम्हें
लेकिन फिर मान जाया करो
मुझसे दूर चाहे जितना रहो
लेकिन साथ यूँ निभाया करो
तुमसे मिलकर दो बातें करना
मेरी दुआओं में भी शामिल है
हँसना रोना और पाना खोना
ज़िन्दगी बस तुमसे हाँसिल है
तुम मेरे दिल में हमेशा रहना
मुझको दिल में बसाया करो
मुझसे दूर चाहे जितना रहो
लेकिन साथ यूँ निभाया करो
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