कुछ बातें मेरी सुन लेना कुछ अपनी कह देना
उन्हें सुनाने के लिए यादें मीठी खट्टी रख देना
मेरी आवाज जो कभी खामोश हो जाये अगर
मेरे हर्फ़ उतार कर घर घर में चिट्ठी रख देना
कई रास्ते बताये खुदा तक धर्म के ठेकेदारों ने
लेकिन खुदा पाना हो तो श्रद्धा सच्ची रख देना
जो दिखा रहे आज वतन से झूठा इश्क़ अपना
उनके सामने कभी गरीब की देशभक्ति रख देना
मैं अधूरा ना रहूँ तुम मुझको मुक़म्मल कर देना
कफ़न हटा के मुझ पे वतन की मिट्टी रख देना
जानते हो कैसा दिखता है मेरा मादर-ए-वतन
हिंदुस्तान लिख के सब कौम इकट्ठी रख देना
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