जिस दिन मेरे भारत में इक इक इंसान मुस्कायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
जब किसी किसान के घर कोई भूखा न रह पाएगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
जब यहाँ का बच्चा बच्चा भी किताब पढ़ पायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
जब शहर की राधाएँ बेख़ौफ़ झूम झूम के नाचेंगी
कृष्णा की मुरली की तानें चारों तरफ से आएंगीं
जब बेटी को देश में बचपन में यूँ मारा न जायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
हिंदी और अंग्रेजी में जब भेद न कोई रह जायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
हिन्दू मुस्लिम भूल कर इंसान यहाँ बस जायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
पड़ौसी भूखा देख कर पड़ौसी उसको खिलायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
गांधी भगत लक्ष्मी सुभाष हर घर में मुस्कुराएगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
सच कहता हूँ मेरा दिल आज़ादी आज़ादी गायेगा
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