चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
चल उड़ चलिए अब कोई ठिकाना
बदला सा लगने लगा ये ज़माना
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
रिश्ते नाते सब रूठ गये हैं
सारे साथी कहीं छूट गये हैं
अपने घरोंदे अब टूट गये हैं
गुज़र गया हैं अब मौसम पुराना
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
हीरें भी रोई रांझे भी रोए
किस्से मुहब्बत के अब खोए
कौन सुनाएगा अब ये अफ़साना
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
यारी सबसे छूट रही है
वो पगडंडी टूट रही है
बंद हुआ है मेलों में जाना
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
पनघट पे आके मिलना मिलाना
मंदिर की पूजा वो अज़ान सुनाना
ताजिए बनाना वो झाँकी सजाना
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
कि अब ये देस हुआ बेगाना
कोई लम्हा फिर से आए
इस दूरी को फिर से मिटाए
उस पार अपनों के गले लग जाएँ
रूठे हुओं को अब फिर से मनाएँ
फिर से वो होली ईद दीवाली
आँखों को हम कर दें खाली
बंद करो अब नफ़रत के खेले
फिर से लगाओ यारी के मेले
अपनों से जो हम दूर हुए थे
कितने हम यूँ मजबूर हुए थे
दौलत हमारी सारी ले लो
गुज़रे ज़माने वापस दे दो
मिट गये रांझे मर गयीं हीरें
ख़त्म करो अब सारी लकीरें
फिर से हम उस घर मे जाएँ
अपना बचपन जहाँ छोड़ आए
बाँट दिया था तुमने सबको
बाँटा देस और बाँटा रब को
चलो हम फिर से एक हो जाएँ
बुजुर्गों से लाखों दुआएँ पाएँ
फिर से साथ खेतों में जाएँ
टूटी पगडंडी फिर से बनाएँ
साथ में मिलकर बस ये गाएँ
गाते ही जाएँ बस गाते हीं जाएँ
चल उड़ चलिए चल उड़ चलिए
ले चलिए मुझे देस पुराना
ले चलिए मुझे देस पुराना
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