क्यूँ अपना बना के
क्यूँ ख्वाब दिखा के
क्यूँ हो गये जुदा
क्यूँ हो गये खफा
क्यूँ तन्हा बना के
क्यूँ मुझे ठुकरा के
क्यूँ हो गये जुदा
क्यूँ हो गये खफा
क्यूँ हो गये जुदा
क्या मेरी ये खता थी
जो मेरी वफ़ा थी
तुझको ही मैंने चाहा
तू मेरी हर दुआ थी
कैसे कहूँ तुझे बेवफा
क्यूँ हो गये जुदा
क्यूँ हो गये खफा
मुहब्बत वाली राहें
वो मेरी सदाएँ
तुझको ही पुकारा
दुआओं में भी माँगा
क्यूँ बंजर हुआ अब ये
दिल मेरा हाय
कैसे जियूंगा मैं
तू ही ये बताए
कैसी चली हवा
क्यूँ हो गये जुदा
क्यूँ हो गये खफा
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