बुधवार, 24 मई 2017

मेहरबान

मेरे दिन और रातें भी
तुझसे करनी बातें भी
तुझसे मेरी चाहत भी
तू ही मेरी राहत भी
तू मेरा जुनून है
दिल का सुकून है
मेहरबान मेहरबान
तू ही दिल तू ही जान

जब जब तुझको देखूँ मैं
तुझको ही सोचूँ चाहूँ मैं
वादे तुझसे जितने किये
खुद को लुटा निभाऊं मैं
आँख खुले तुझको देखूँ
बंद आँखों में भी पाऊँ मैं
तू मेरी खुशी है
मेरी आशिक़ी है
मेहरबान मेहरबान
तू ही दिल तू ही जान

रब से दुआ बस माँगू ये
तुझसे अलग ना होना है
तेरी बाहों में ही जीना है
तेरी बाहों में ही सोना है
दुनिया से मतलब क्या
मुझे बस तेरा ही होना है
दिल में मूरत तेरी है
सांवली सूरत तेरी है
मेहरबान मेहरबान
तू ही दिल तू ही जान
       - हिमांशु "इश्क़"






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