शुक्रवार, 26 मई 2017

सनम

जितना तुम्हें चाहूँ सनम
कोई किसी को न चाहे
मंज़िल मेरी तुमसे ही है
तुमसे ही अब मेरी राहें
कि तुम ही तो हो ज़िन्दगी
तुम ही तो हो मेरी खुशी
ए मेरे सनम ए मेरे सनम
दिलोजान भी तुम
ए मेरे सनम

देखो तो मेरी आँखों में
इक तुम्हारा ही चेहरा बसा
मेरे दिल की दीवारों पर
इक तुम्हारा ही नाम लिखा
धड़कन मेरी तुमसे ही है
तुमसे चलें मेरी साँसें
कि तुम ही तो हो ज़िन्दगी
तुम ही तो हो मेरी खुशी
ए मेरे सनम ए मेरे सनम
दिलोजान भी तुम
ए मेरे सनम

दुनिया से क्या मतलब
मेरा दिल तो बस तुम्हारा है
रात और दिन हर इक पल
मेरी साँसों ने तुम्हें पुकारा है
तुम्हारी बाहों के घेरे में
हो बंद मेरी ये आँखें
कि तुम ही तो हो ज़िन्दगी
तुम ही तो हो मेरी खुशी
ए मेरे सनम ए मेरे सनम
दिलोजान भी तुम
ए मेरे सनम
              - हिमांशु "इश्क़"

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