आँखों आँखों में शराब लिखें
चल आज कोई ख्वाब लिखें
लम्हा लम्हा हम लिख डालें
या पल पल का हिसाब लिखें
आँखों आँखों में शराब लिखें
चलो आज कोई ख्वाब लिखें
कहीं तुम मुझको लिख दो
अपने दिल के सवालों में
कभी मैं तुमको भी लिख दूँ
यूँ ही दिल के उजालों में
क़तरा क़तरा बह जाना तुम
आकर मेरी इन बाहों में
मेरी ज़िंदगी भी रख लेना
तुम अपनी ही पनाहों में
मुहब्बत को हम दोनों ही
आज हसीन गुलाब लिखें
आँखों आँखों में शराब लिखें
चलो आज कोई ख्वाब लिखें
दिल की जो भी बातें हैं
वो बस आँखों से कहना
एक पल जो दूर जाओ
तो अश्क़ों को है बहना
कैसे हम ये जज्बात कहें
तुमसे ये दूरी कैसे सहें
तुमको मै ज़िन्दगी कहूँ
तुम्हारे बिन न ज़िंदा रहूँ
हमारी रूह तुम बन जाओ
जुदाई को अब खराब लिखें
आँखों आँखों में शराब लिखें
चलो आज कोई ख्वाब लिखें
- हिमांशु "इश्क़"
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