जो जमाने भर से रूठे हैं
वो जमाने भर को रोयेंगे
वो कभी कुछ न हो सके
वो इश्क़ भी क्या होयेंगे
जो आपके नाम से चले वो धड़कन मेरे यार है
आप में हम जो हैं देखते कुछ नहीं वो प्यार है
बेताब दिल की आरज़ू आज यूँ पूरी हो गयी
वो सामने जो आ गये महक गया इंतज़ार है
हमारी ख्वाहिशों को जमीं कभी मिल जाएगी
बारिश के बाद आ रही ये खुशबू ए बहार है
ज़माना जिसको ढूंढता मिला नहीं सुकून वो
जो आप हमको मिल गये आ गया क़रार है
मिट भी जायें दौलतें मिट भी जायें शोहरतें
आँखों को जो चाहिए वो उनका ही दीदार है
फ़ासला अब कुछ भी हो हमें कोई न फर्क है
दिल से दिल तक जा रही दिल की पुकार है
इक अजीब सा दर्द जो हमारे दिल में आज है
इसे और कुछ न जानिए ये इश्क़ का खुमार है
न रहेगा ज़िस्म ये जो वक़्त ए क़ज़ा आएगा
मुहब्बत बचेगी बाद भी बस यही ऐतबार है
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